Harshwardhan 30 Mar 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत #sad_shyari, love shayri 115872 0 Hindi :: हिंदी
ज़िंदगी इक अनोखी कहानी रही, दर- बदर हम भटकते रहे हैं सदा। हम भी चलते रहे साथ जलते रहे, मन में लेकिन हमेशा धुआं ही रहा। वो क्या जानेंगे क्या क्या सितम है सहे, दूर रह कर भी हम तो उन्ही के रहे। रही तन्हाईयां भी मगर क्या करूं, अक्स उनका ही आंखों में चलता रहा। मैं भी खामोश हूं, वो भी खामोश हैं। ना तेरा दोष है, ना मेरा दोष है। वक्त ने हमको मारा है उस मोड़ पर, मिले भी मगर ना ठीकाना रहा। ज़िंदगी इक अनोखी,,,,,,,,,,,.