नीतू सिंह वसुंधरा 19 Sep 2023 गीत समाजिक Nitu Singh Hindi Kavita 55858 0 Hindi :: हिंदी
शक्ति की पूजा मैं अर्ध शतक नारीश्वर हूं, नारी के मन का ईश्वर हूं। जो मन नारीश्वर हो न सका, वह कभी शक्ति को अभिभूत कर न सका। नारी तो शक्ति की देवी है, उससे ही, मानव का उद्धार हुआ मानव तृण के मूल्यों को, जिसने भी अस्वीकार किया. वह कभी नहीं नारी शक्ति का पहचान किया नारी तो धरनी ,गृहणी है, नारी ही वैभव की देवी है, जब भी धरती पर प्रलय हुआ, तब नारी ने उद्धार किया, जब भी प्रलय प्रचंड बना, तब -तब शक्ति का जन्म हुआ, अगर जन्म निरर्थक मानो तो, जीवन भी निरर्थक हो जाएगा, अगर जन्म सार्थक मानो तो, जीवन भी सार्थक हो जाएगा, मैं अर्ध शतक नरीश्वर हूं, नारी के मन का ईश्वर हूं।