प्रिये – नेहा श्रीवास्तव

प्रिये – नेहा श्रीवास्तव

तुमसे ही नाम मेरा तुमसे ही पहचान प्रिये .
तुम गंगा कि शीतल धारा,
मै चित्रकूट का धाम प्रिये.
बन जाओ मेरी सीता,
मै तुम्हारा राम प्रिये.
जाने हमारे प्रेम का क्या होगा अंजाम प्रिये.
तुम गंगा की शीतल धारा ,
मै चित्रकूट का धाम प्रिये.

Neha srivastavaनेहा श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश (बलिया)

Neha Srivastava

मैं नेहा श्रीवास्तव बलिया उत्तरप्रदेश की निवासी हूँ। मैं श्रृंगार रस की कवित्री हूँ। मैंने B.ED Science में शैक्षणिक योग्यता प्राप्त की है। मैंने साहित्य लाइव रंगमंच 2018 (राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतियोगिता) में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

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