प्रिये – नेहा श्रीवास्तव

प्रिये – नेहा श्रीवास्तव

तुमसे ही नाम मेरा तुमसे ही पहचान प्रिये .
तुम गंगा कि शीतल धारा,
मै चित्रकूट का धाम प्रिये.
बन जाओ मेरी सीता,
मै तुम्हारा राम प्रिये.
जाने हमारे प्रेम का क्या होगा अंजाम प्रिये.
तुम गंगा की शीतल धारा ,
मै चित्रकूट का धाम प्रिये.

Neha srivastavaनेहा श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश (बलिया)

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