नागमणि कुमार सिंह 25 Aug 2026 कहानियाँ समाजिक संपत्ति 3457 1 5 Hindi :: हिंदी
कहानी शीर्षक : संपत्ति राधा की सास घर में झाड़ू लगा रही थी। मन में बहुत सारे विचार चल रहे थे I एक जमाना था जब पति को परमेश्वर माना जाता था I सास-ससुर को माता-पिता जैसा सम्मान दिया जाता था I पहले जब नई बहू आती थी तो वह कुछ समय तक ऊँची आवाज में बात नहीं करती थी I हमेशा घूँघट में रहती थी I घर से बाहर निकलना भी मुश्किल था I 25 सालों में समय कितना बदल गया हैI सोचते सोचते फिर झाड़ू लगाने लगी I बहुत कोशिश करने के बाद भी मन का विचार कम नहीं हो रहा था I कैसे-कैसे मेहनत करके अपने बेटे मंगल को पालन-पोषण किया था ? सामान्य सी सर्दी-खाँसी पर डॉक्टर के पास ले जाते थे I लोगों की नजर से बचाने के लिए मंगल के माथे पर एक काला टीका लगाते थे I रोज नहा कर पूरे शरीर में सरसों का तेल मालिश करती थी I रोज स्कूल के लिए तैयार करती थी I जब मंगल का पढ़ाई पूरा हो गया तो वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने लगा था I उसकी माँ रोज मंदिर जा कर पूजा करती थी कि उसके बेटे मंगल को जल्द से जल्द सरकारी नौकरी लग जाए I जब मंगल को सरकारी नौकरी लग गयी तो उसने पूरे मुहल्ले में मिठाई बांटी थी I मन में एक खुशी हुई थी कि अब एक अच्छी दुल्हन खोजकर मंगल की शादी कर दूँगा I इतने में घर की दरवाजे की घंटी बजती हैं I राधा की सास घर की दरवाजे को खोलती है और सामने अपने पति को पाती हैंI मंगल के पिता ने पत्नी से पूछा, ”मंगल शहर चला गया क्या?” मंगल की माँ गुस्से में कहा,” मंगल जिसका संपत्ति है वह उसके पास चला गया, जब तक उसकी शादी नहीं हुई थी तब तक वह हमारी संपत्ति था I उस पर हम दोनों का अधिकार था I उससे पैसे माँग सकते थे I उसे बाजार से सब्जी लाने को कह सकते थे I उसे डॉक्टर से इलाज कराने कह सकते थे I उससे फोन पर बात कर सकते थे I उससे दिल की बात कह सकते थेI ” मंगल के पिता ने बहुत प्यार से कहा,”इतने गुस्से में क्यों हो? मंगल ने कुछ बोला क्या?” मंगल के माँ ने कहा,”मंगल ने कुछ नहीं कहा,उसकी पत्नी फोन पर मंगल से बोल रही थी कि अब घर में कुछ पैसा नहीं देना हैंI घर में कुछ सब्जी नहीं लाना हैं I घर संभालने की जिम्मेदारी सिर्फ मेरी ही नहीं है और दूसरे भैया भी इस घर के सदस्य है उनकी भी जिम्मेदारी बनती हैI मैं दूसरे कमरे से सब सुन रही थीI ” लेकिन जब मंगल ने हमें फोन दिया तो मैं उसकी पत्नी से पूछ ही लिया,”क्यों मंगल घर में पैसा नहीं देगा? क्यों मंगल घर में सब्जी नहीं लायेगा? क्या मंगल मेरा बेटा नहीं हैं?” मंगल के पत्नी ने कहा,”बेशक मंगल आपका बेटा हैं I आपने उसे पाल-पोष कर बड़ा किया है I उसका अच्छी तरह से देखभाल किया हैं I अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़ाया हैं I अच्छे से अच्छे कपड़े पहनने को दिया हैं I अच्छे संस्कार दिये हैं I आपके पूजा के बदौलत उसे एक सरकारी नौकरी भी लग गया हैं I उसके बाद आपलोगों ने बाजार में उसका सौदा किया है जैसे किसी संपत्ति को बेचने पर किया जाता हैं I” जिस दिन से हमारी मांग में मंगल के हाथ का सिंदूर पड़ा हैं उस दिन से मंगल हमारी संपत्ति हैं I दोनों तरफ के परिवार इसके गवाह हैं I अब तो मंगल पर सिर्फ और सिर्फ मेरा अधिकार हैं I जैसे किसी मकान के बिकने पर उस मकान के लिए कौन क्या किया है, नया मकान मालिक को उससे क्या मतलब? अब आपलोग मंगल पर अपना अधिकार छोड़ दे, इतना कह कर राधा ने फोन काट दिया I मंगल के पिता ने अपनी पत्नी से कहा,” तो ये बात है. बहू का कहना सही है, इसमे बुरा ही क्या हैं? तुम शांत हो जाओ और घर मे झाड़ू लगाओ I हमें बहुत ज़ोर की भूख लगी हैं. जल्दी से खाना बनाओं अभी चिंता करने की कोई बात नहीं हैं I हम जिंदा है, हम तो तुम्हारा संपत्ति हैं, तुम हम पर अपना अधिकार जमाओ I हम तुम्हें पैसा देगें , हम बाजार से सब्जी लाएगें I हम तुम्हारा इलाज कराएगें Iहम से दिल की बात करो I “ मंगल की माँ मुस्कुरा कर खाना बनाने चली गई I उधर मंगल वापस अपना नौकरी पर जा चुका था I वहाँ पहुँचने पर उसकी पत्नी ने पूछा,”आप घर में पैसे दिये तो नहीं।“ मंगल ने सिर हिला कर ना कहा और ऑफिस जाने के लिए तैयार होने लगा I मंगल तैयार होकर बस पकड़ने के लिए सड़क पर चल रहा था कि अचानक पीछे से एक कार ने उसे जोड़ से धक्का मारा I मंगल वही गिर गया और खून से लथपथ हो गया I बगल के लोग उसे टेम्पो से अस्पताल पहुंचा दिया और इस घटना की सूचना उसकी पत्नी राधा को दे दिया I राधा ने भागकर अस्पताल पहुंची और मंगल को देखभाल करने लगी I उसके मन में बहुत सारे सवाल उठ रहे थे I मंगल के माता-पिता की जानकारी दे या न दे I यदि जानकारी दे और मंगल के माता-पिता कहे कि,”जब कोई आदमी मकान खरीद लेता है तो पुराने मकान मालिक का उस पर कोई अधिकार नहीं होता हैं I यदि मकान में कोई टूट–फूट होता है तो उसे मरम्मत कराने की ज़िम्मेदारी नया मकान मालिक का होता है I यदि मंगल एक संपत्ति है और उस पर अभी तुम्हारा अधिकार है तो उसका इलाज कराने की ज़िम्मेदारी तुम्हारी हैं I हम तो संपत्ति बेच चुके हैं I हमारा अब कोई मतलब नहीं हैं I यदि हम जानकारी नहीं देते है तो भविष्य में अधिक पैसों की जरूरत पड़ेगी तब हमें मंगल के माता-पिता के पास जाना होगा I उस समय मंगल के माता-पिता हमसे पुछेगें की जिस दिन घटना हुआ उस दिन हमें क्यों नहीं बताया? मंगल की हालत देखते हुये इस बात की संभावना ज्यादा है कि आगे इलाज के लिए अधिक पैसों की जरूरत पड़ सकती हैं I राधा असमंजस में बैठी-बैठी सोच रही थी I परिस्थिति बहुत जटिल हैं I एक तरफ कुंआ है तो दूसरी तरफ खाई I इतने में डॉक्टर मंगल को दोबारा देखने आते हैं I मंगल को देखकर डॉक्टर जाने लगते हैं तभी राधा डॉक्टर से पूछती हैं,” अभी मंगल को ठीक होने में कितना समय लगेगा? कोई गहरी चोट तो नहीं हैं I” डॉक्टर ने जबाव दिया,”चोट का असर दिमाग पर हुआ हैं I स्कैन रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि आगे का इलाज कब तक होगा और कैसे होगा? बड़ा ऑपरेशन करना पड़ेगा या मामूली ऑपरेशन से ठीक हो जाएगा I” राधा फिर सोच में पड़ गयी I कितना दिन का समय लगेगा? स्कैन रिपोर्ट कैसा रहेगा? यदि बड़ा ऑपरेशन हुआ तो खर्चा कितना आएगा I इसकी सूचना मायके में दे दूँ क्या? यदि बड़ा ऑपरेशन हुआ तो और आदमी कि जरूरत पड़ सकती है I मैं अकेले कहां-कहां भाग दौड़ करूंगी? फिर मन में विचार किया कि पहले स्कैन रिपोर्ट आने देते है उसके बाद मैं मायके में फोन करूंगा I इतने में एक नर्स ने राधा को आवाज लगाई I स्कैन रिपोर्ट आ गई है और डॉक्टर साहब आपको बुला रहे है I राधा तेज कदमों से डॉक्टर के चैंबर कि ओर बढी I अंदर जाते ही राधा ने डॉक्टर से पूछा,” स्कैन रिपोर्ट कैसी हैं I” डॉक्टर ने कहा,” मंगल की स्कैन रिपोर्ट अच्छी नहीं हैं, उसे दिमाग में गहरी चोट लगी है और एक सप्ताह के अंदर उसका बड़ा ऑपरेशन करना होगा. Iजिसका कुल खर्चा 5 लाख आएगा I” राधा का मन व्याकुल हो गया I उसे धरती डोलती नजर आयी I उसे लग रहा था मानो उसका कुर्सी घूम रहा हैं I उसने टेबल पर रखा पानी पिया तो जाकर कुछ राहत मिली और डॉक्टर के चैंबर से बाहर आ गई I बाहर आकर उसने सबसे पहले अपने मायके में फोन लगाया I उसके मायके में माता-पिता रहते थे I उसका बड़ा भैया जो सरकारी सेवा में थे दूसरे शहर में रहते थे. I राधा की माँ ने फोन उठाया और राधा ने सारी बात बताई I राधा की बात सुनकर माता-पिता बहुत दुखी हुये I राधा की माँ ने कहा,”हमारे पास तो अभी पैसे नहीं हैं I जो पैसे हमारे पास था वह तुम्हारे शादी में खर्च कर दिये थे, और जो पैसे इधर आए थे वे कर्ज वापस करने में चले गए I लेकिन यदि ऑपरेशन के दिन आदमी की जरूरत है तो तुम्हारे पिता के साथ में अस्पताल चला आऊँगा I जहां तक पैसों की बात है तुम अपने बड़े भैया को फोन से बात कर लो वह जरूर तुम्हारी मदद करेगा I राधा ने ठीक है कहकर फोन रख दिया I इसके बाद राधा ने बड़े भैया को फोन लगाया और सारी घटना की जानकारी दी I उसके बड़े भैया ने उसे हिम्मत बढ़ाया और धैर्य से काम लेने को कहा I जब राधा ने कुछ पैसों की जरूरत का हवाला देकर पैसों की माँग की तो उसके बड़े भैया ने इस संबंध में भाभी से बात करने की सलाह दी और फोन अपनी पत्नी को दे दिया I राधा ने अपनी भाभी से सारी घटना के बारे में बताया और साथ में कहा कि हमें कुछ पैसों कि जरूरत हैं I राधा की भाभी ने कहा,” हमने तुम्हारे भैया को 6 लाख में एक संपत्ति के रूप में खरीदा हैं I" उन पर सिर्फ और सिर्फ मेरा अधिकार हैं I यदि तुम्हें वहाँ आदमी की जरूरत है तो मैं तुम्हारे भैया को भेज सकती हँ लेकिन जहां तक पैसों की बात है मैं अभी कुछ भी मदद नहीं कर सकता हूँ I” राधा ने यह कहकर फोन रख दिया कि यहाँ आदमी की जरूरत नहीं हैं I राधा वापस आकर अस्पताल के कुर्सी पर बैठ गयी और सोचने लगी कि अब सिर्फ सात दिन के भीतर 5 लाख रुपए का इंतेजाम करना होगा I हमारे माता-पिता के आने से और आदमी की जरूरत नहीं पड़ेगी सिर्फ हमें किसी तरह से 5 लाख की व्यवस्था करनी हैं I राधा के दिमाग में अचानक एक विचार आया कि क्यों न मंगल के घर वाली खेती का एक हिस्सा बेच दी जाय I यह तो मंगल की ही संपत्ति हैं I मंगल के ही काम आए तो हर्ज़ क्या हैं? तुरंत वह बस पकड़ कर मंगल के गाँव आ गयी I वह एक साहूकार के पास पहुंची और बोली की मैं मंगल की पत्नी हूँ I मैं मंगल के खेत के एक हिस्से को बेचना चाहती हूँ I साहूकार ने कहा,”ठीक है लेकिन उसमें मंगल के पिता का हस्ताक्षर करना जरूरी होगा I यदि मंगल के पिता हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हो जाते है तो हम खेत खरीद सकते हैं I बिना हस्ताक्षर के यह संपत्ति बिक नहीं सकता हैं I” राधा ने साहूकार से कहा,” ठीक है हम अपने ससुर से बात करते है उसके बाद हम आपसे मिलते है I” राधा मंगल के घर गयी तो उसको देखकर सास-ससुर चौक गए और पूछा,” राधा क्या बात है? सब ठीक है न, मंगल कैसा है? अकेले आने का कारण क्या हैं?” राधा ने सारी बात बताई और अपने ससुर से मंगल के हिस्से कि जमीन पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया I राधा के ससुर ने कहा,” बहुरानी जब मंगल का दुर्घटना हुआ था उस समय आपको फोन करना चाहिए था I जहां तक मंगल के हिस्से की जमीन पर हस्ताक्षर करने की बात है तो अभी जमीन का मालिक मैं हूँ I तुम यह अभी कैसे मान लिया कि यह मंगल का हिस्से की जमीन हैं I आपने मंगल को एक संपत्ति मानकर खरीद लिए थे I उसी समय इस घर की सारी जमीन का अधिकार मंगल खो चुका था I क्योकि आपने सिर्फ मंगल की रजिस्ट्री कराई थी और दोनों तरफ के परिवार इसके गवाह थे I मंगल की हिस्से की जमीन और घर की हिस्सेदारी की रजिस्ट्री कराना शायद आप भूल गए थें I अब तो हम पति-पत्नी का मंगल पर कोई अधिकार नहीं है तो हम अपना हस्ताक्षर क्यों करे I” ससुर के इस जबाव से राधा चकित रह गयी I उसे अपनी गलती का अहसास हो चुका था I राधा सास-ससुर के पैरों पर गिर गई और मांफी माँगने लगी कि हमसे बहुत बड़ी भूल हो गई I सास-ससुर ने उसे हाथ पकड़ कर उठाया और उसे मांफ कर दिया I घर में रखे कुछ रुपए और सास के कुछ गहनों को बेचकर 5 लाख रुपए का इंतेजाम हो गया और मंगल का ऑपरेशन सफल रहा I ––––––––––––––––––––––
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