Rajnish khandal 09 Mar 2025 कविताएँ हास्य-व्यंग #history 37551 0 Hindi :: हिंदी
बड़ा पढ़ा इतिहास है तुमने,
पर ना इस पर विचार किया।
ये तुम लोगो की गलती है,
तुमने मेरे देश की अखण्डता को मार दिया।
मार दिये तुम ने मराठा,
और मार दिया कोटिल्य को,
विचार जिनके थे अखंड - अनंत और उनके कर्मठ कर्मों को।
सिकंदर की छावनी में भगवा लहराया,
विश्व विजेता को बिना तलवार भगाया,
सबके सामने धनानंद मार कर,
जिसने अखण्ड भारत बनाया।
अरे! उस वीर ने इतिहास पढ़ा था,
उसने हृदय में संजोया था,
जिस वीर ने अफ्गानिस्तान जाकर,
शहीद चौहान को समान दिलाया था।
वो वीर है आदर्श हमारे,
जिन्होनें विचारो में स्वराज बसाया था।
मत करो तुम उनकी बाते,
जो पिता के द्रोही है,
कपट पलके सिर काटके,
गद्दी राजा की पाई है।
ये मेरा स्वर्णिम भारत है,
मैं इस पर गर्व दिखाता हूं।
और जिसने मुझको गर्व दिया,
मैं उनको नित - नित शीश झुकता हूं।
रचनाकार = रजनीश खाण्डल