AJAY KUMAR JOSHI 14 Feb 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत प्यार , महोब्बत, इश्क आध्यात्मिक आध्यत्म 27408 0 Hindi :: हिंदी
आवाज है दिल की अब कुछ नया हो। तेरा मेरा सफर कुछ इस तरह बयां हो।। कोई सागर का मोती तू जैसे मै लहर बन किनारे लाऊं। अक्स तेरा यूँ जब चमके तो में जुगनू सा मंडराऊ।। जो बने कली कमल जब तू तो मै भृमर बन उसमे सो जाऊँ। ओस की बूंद सी जो तू चमके पत्ता पत्ता बन साथ निभाऊं ।। तू जब पूछे साथ हमारा कहाँ कहाँ तक होगा। मुर्गी आयी या अंडा पहले का जवाब जहां तक न होगा ।। तुम भी में हूँ मै भी तुम हो हम दोनो इस कदर मिल जाय। गंगा जमुना सरस्वती जस त्रिवेणी बन जाय।। जंहा बहे हम धार बन कर, वहां नव अंकुर प्रस्फुटित होते जाय । सूरज तप से वाष्प बने तो हर घर प्रेम वर्षों जल बरसाये ।। मानवता की हर चोखट पर प्रेम का अलख जगाये हम। तेरे साथ कई रंगों में मिल कर, तुझ में ही खोजाये हम।। तेरी मेरी प्रेम कहानी हर लोगो तक पहुँचाये हम। पूजा पाठ तपस्या छोड़ प्रेम भक्ति को अपनाये हम।। Ajay always : सत्य की खोज में