Rambriksh Bahadurpuri 23 Jul 2024 कविताएँ समाजिक #Rambriksh Bahadurpuri kavi #Ambedkarnagar poetry #kalam per kavita 37556 0 Hindi :: हिंदी
हे! कलम लिख
हे! कलम तू
झूठ को झूठ
सांच को सांच लिख,
तेज तलवार से भी तेज
बात को बात लिख।
सफ़र हो दूर कितना भी
मगर जज़्बात लिख,
भरोसे से सजी हो राह
भरी सौगात लिख।
अंधेरा हो भले पथ पर
पड़े हो शूल पग पग पर
मगर कर बात हिम्मत की
रात को रात लिख।
चटकती हो धरा चाहे
चमकता धूप सूरज का
मगर विश्वास में भर आस
से बरसात लिख।
टिकी दुनिया भरोसे पर
प्यार को प्यार लिख
पल दो पल के जीवन में
न दिन को रात लिख।
रचनाकार -
रामबृक्ष बहादुरपुरी
अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...