Shubhashini singh 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य Google /Yahoo/Bing /instagram/Facebook/twitter 80004 0 Hindi :: हिंदी
इन ख़ाली हाथों में
लकीरें हो या ना हो
इन खाली हाथो से
हो तो किसी का भला हो
जो किसी भूखे को रोटी दे
जो किसी प्यासे को पानी दे
जो किसी बेसहारे का सहारा बने
वो ये ख़ाली हाथ हो....
सुभाषिनी सिंह