Anilkumar Rathwa (Sameer) 19 Sep 2025 कविताएँ समाजिक लोग क्या सोचेंगे… 29156 0 Hindi :: हिंदी
लोग हमारे बारे में क्या सोचेंगे, ये सोच-सोचकर ही हम रुक जाते हैं। मन के सपनों को आधा छोड़, दूसरों की परछाइयों में सिमट जाते हैं। कोई कहेगा – ये गलत है, कोई कहेगा – ये ढंग नहीं। पर सोचो, अगर सबकी मानोगे, तो अपने जीवन का रंग नहीं। लोग हँसेंगे, आलोचना करेंगे, कभी पीठ पीछे बातें कहेंगे। पर जब सफलता कदम चूमेगी, तो वही लोग तालियाँ बजाएँगे। कभी अपने दिल की सुनना सीखो, कभी अपने सपनों को चुनना सीखो। क्योंकि दुनिया तो हर हाल में बोलेगी, तुम्हें बस आगे बढ़ना सीखो। समय बर्बाद मत करो इस चिंता में, कि कौन क्या बोलेगा, क्या कहेगा। जब तुम्हारा कर्म उज्ज्वल होगा, तो कल वही जमाना तुम्हें देखेगा। जीवन किसी और के लिए नहीं, ये तो तुम्हारा अपना सफ़र है। लोग क्या सोचेंगे ये छोड़ दो, क्योंकि सोच उनका है, और हिम्मत तुम्हारा हक़ है।