संदीप कुमार सिंह 09 Sep 2026 कविताएँ समाजिक #Money #Very Need #Necessary #Earn #Than #Happy #Life #Enjoy #Dilighted #Family #Healthy 95 0 Hindi :: हिंदी
दोहा_मुक्तक पैसा सबको चाहिए, कोई चले न काम । पैसा जब हो पास में, दुनिया करे सलाम । भला बुरा पहचान कर, देता हमको वक्त-- सगे पराये हैं बने,पैसा बड़ा ललाम ।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....