Ranjana sharma 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक Google 39214 0 Hindi :: हिंदी
एक बेटी ने किया सवाल अपने मां बाप से कितना प्यार करते हो आपदोनो मुझसे कब तक पनाह दोगे अपने घर में आप दोनों मुझे मैं तेरे आंखों का तारा क्यों न बन सकी क्यों बनूं मैं तेरे आंगन की चिड़ियां किसने ये दस्तूर बनाया बेटियों को पराया धन कहने का क्यों अपने ही मां - बाप को बोझ लगने लगती बेटियां शादी के बाद शादी के बाद भेजोगी मुझे अपने पिया के घर वहां सास - ससुर कहेगें ऐ है मेरा घर क्यों तू नहीं बनाई मां मेरा घर अब कोन सा घर कहलाएगा मेरा क्यों ससुराल के बाद बेटियों का घर शमशान घर हो जाता उसका अपना घर पूछे सवाल बेटी मैया तेरी। धन्यवाद