Rambriksh Bahadurpuri 31 Jul 2024 कविताएँ समाजिक #Rambriksh Bahadurpuri kavi#Ambedkar Nagar poetry,#Sonch per kavita 28947 0 Hindi :: हिंदी
सोंचो!
जो मर कर यहां से जाता है
है कौन लौट जो आता है?
स्वर्ग नर्क की सब बातें
फिर कैसे कौन बताता है?
अच्छे कर्मों का फल मीठा
फल बुरे कर्म का तीखा है
जो किया है जैसा कर्म यहां
फल वैसा ही वह देखा है
है स्वर्ग यहीं है नर्क यहीं
परिणाम यहीं मिल जाता है।
करनी भरनी का खेल वहां
फिर कैसे खेला जाता है?
सब दान दक्षिणा धन दौलत
कैसे ऊपर तक जाता है
या स्वर्ग नर्क के चक्रव्यूह से
हम सबको लूटा जाता है?
ऊपर मर कर जो चले गये
क्या वे भूखे प्यासे होंगे?
तन छोड़ यहां यदि गये वहां
फिर कैसे वे खाते होंगे?
क्या देने से सब मिला उन्हें
या लिया कोई है और यहां
दिख रहा यहां तो सब कुछ है
ले जाता है सब कौन कहां?
गुन लो धुन लो यह बातें सब
चिंतन से ही दिख जाता है
तर्क बुद्धि बल ज्ञान मनोबल
नासमझी में खो जाता है।
रचनाकार
रामबृक्ष बहादुरपुरी
अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...