Shubhashini singh 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत Google /Yahoo/Bing /instagram/Facebook/twitter 70568 0 Hindi :: हिंदी
ये दिल जैसे कभी मोम सा तो कभी पत्थर सा कभी टूटा सा तो कभी जुड़ा सा फिर भी ये हमारे आखरी सांस तक साथ दे जाती कभी मोम के जैसे पिघल जाती तो कभी पत्थर के जैसे कठोर हो जाती तो कभी टूट कर बिखर जाती तो कभी अपनो के लिए ये जुड़ जाती हर पग पर हमारा साथ दे जाती ये दिल जैसे हर आलम सह जाती ये हमारे जीवन के सच्चाई से मिला जाती हमें तो बहुत कुछ सीखा जाती बदले में हमें जीवन भी दे जाती ......