"अब हमारी बारी है"।
पढ़ा लिखाकर बड़ा कर दिया,
अब माँ-बाप की खत्म हुई ज़िम्मेदारी है।
हमारे कंधों पर अब उनकी ज़िम्मेदारी है।
कुछ बन कर द� read more >>
बुराई दो प्रकार की होती है
एक सामने की जाती है एक पीठ पीछे की जाती है
सामने और सिर्फ आपके सामने की गई आपकी बुराई माली का काम करती है जो अ� read more >>
ले चल उड़ा मुझे भी अपने संग तू "अ बावरी" हवा
ले चल उन लेहलाते खेतो में
देखा किये जो मैने अकसर, अपने सपनो में...
है खुला जहाँ आँसमा, खुली read more >>