ये जमाने के लोग सुन लो जरा,
दिल ना दुखाना किसी का मान
लो जरा, दया ही धर्म है,
क्षमा से बड़ा नहीं है दान,
किसी के आंशु पोंछ कर,
उसे हंसा सको read more >>
जिंदगी के पन्ने पलटते चले गए
आग के दरिया में धंसते चले गए,
किस्मत ने बार-बार चोट की,
फिर भी संभलते चले गए,
तक़दीर ने ऐसा मारा,
सब सहन करत� read more >>
हां मैं कभी थकता नहीं मैं कभी रुकता नहीं, क्योंकि मैंने अपनी पत्नी से-- वादा किया है उसे हर खुशियां दूंगा,- हां मैंने वादा किया है_ कि उसे � read more >>
हमारा मन अनंत है, और मन के कोने में, हम जिस विचारों को धारण करते हैं, जैसे कोई आधी बातें लिखकर, राइटर उसे
पूरा करना चाहता है, समस्त रचना म read more >>