Chinta netam " mind " 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत प्यार मोहब्बत इश्क 55919 0 Hindi :: हिंदी
//... प्रेम समीक्षा... //
पूर्ण हुआ है जब से मेरा ,
जीवन का पहला चरण
बीत गया है बचपन ,
आ गया है यौवन...!
प्रस्फुटित हुई प्रेम की ,
एक अनछुई सी किरण
खिल उठा मेरा मन ,
खिले मधुबन में सुमन...!
कोमल-सुकोमल
गुलाब सा महकती ,
मधुमति , मदमाती
प्रेम की कलियों का ,
लिए सुखद अहसास...!
रग - रग में झरती ,
बूंद बनकर चांदनी
निर्झर झरनों से ,
अनबुझी , बुझी
मेरे मन की प्यास...!
अनंत आकाश की,
नीली हुई काया
प्रेम के पावन स्पर्श से ,
नित खेल खिला रही माया...!
मन दूर कहीं ,
किसी की यादों में ,
तन्हा - तन्हा कुछ
इस तरह खोया है...!
प्रेम की समीक्षा में ,
इस पन्ने पर ,
वह अपनी मचलती ,
भावनाओं को पिरोया है...!
प्रेम की जलती ,
दीप - शिखा से
मेरे जीवन में ,
फैला अनंत प्रकाश...!
दूर हुआ मेरा ,
अंधकार मन का
होने लगा मुझे अब ,
जीने का अहसास...!
चिन्ता नेताम " मन "
डोंगरगांव (छत्तीसगढ़)