#कविता
".....बेवफा की याद में "
एक कांटा था ,
चूभ गया , दर्द दिया
मोहब्बत की राह में...
आज भी मेरा मन ,
रो उठता है एक
बेवफा की याद में...
तन� read more >>
सत्य पर खत्म हुई न्यायालयों की स्याहिया!
दफ्न हो गई बया से पहले ही गवाहिया!!
दसो दिशा में जश्न था चमन के उन्नति का यू!
हुआ � read more >>
मुखड़ा- दर्द दिलवा में जब जब उठी सनम,
रातियों के ना आखिया सुती सनम,
जाके हमरा से दूर रहबु रुठी सनम,
रातियों के ना आखिया सुती सनम
अन्तरा-1 � read more >>