देख तिरंगा बढ़े जुनून,देशहित में तर जाऊ
कफ़न ओढ़ मैं रहू हमेशा,देश के लिए मैं अड जाउ
हो संकल्प मेरे दिल मे, मैं अपने वतन पर मर जाउ
मैं लाख ग� read more >>
हर तमन्ना खाक हुई, आने की उम्मीद भी नही ।.
क्या गुनाह किया जो तकदीर भी मुझसे रूठी ॥
राह देख कर थक गई आंखे रात ढली शमा भी बुझ गई ' लौट आने क� read more >>
//...हाल -ए - दिल...//
ये दिल ,
किस हाल में है...
तुम कैसे ,
जान पाओगे ?
हाल ...
क्या है इसका ?
ये तो ,
मुझे भी खबर नहीं...!
चिन्ता नेताम " मन "
डो read more >>