एक बार "मैं" फिर से "मैं " होना चाहती हूं ...ना किसी की अपनी न किसी की पराई होना चाहती हूं.. इन अनजानी राह में खुद का "वजूद" ढूंढना च� read more >>
काश कोई इस सुने दिल में फिर से दीप जला जाए
अपनों की इस दुनिया में
अपनों की परिभाषा बतला जाए
कुछ सपने हैं, जो अपनों के हैं,
कुछ अपने हैं ,ज read more >>