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कुछ भाव सिर्फ़ देकर दिल जीत ले तू मेरा फिर अर्थ धन भला क्यों है सामने बिखेरा।। जो भक्ति दिल से करते , झोली में पुण्य भरते दिल से लगा लूँ � read more >>
ये बातें और रो रो कर नयन से जल बहाया है स्वयं गिर गिर के लोगों को मग़र हमने हँसाया है।। ये रस्ता जा रहा किस ओर हमने पूँछ कर देखा गए कर पा read more >>
रात को अकेले में ये विचार करता हूँ क्या मैं आज बचपन के उन ही बंदरों सा हूँ।। रोज़ खेलते, कूदते और साथ पिटते थे दूध से बनी रबड़ी पे दो ह� read more >>
कई जन्मों का आज संगम करेंगे, विचार और मंथन करेंगे, आर और पार की लड़ाई करेंगें, जीत का बिगुल फुकेंगें। ना कोई हम से टकराना, हम हैं खतरना� read more >>
एक गांव में दो परिवार रहेते थे।👬 जिनमे बहुत घना मिलाब था। वे एक दूसरे के लिए अपनी जान देने को तैयार रहते थे। उनकी यह घनिष्ठा देख कर लो� read more >>
धूप और छांव जिंदगी का हिस्सा हैं, दुःख और सुख जिंदगी के पहलू हैं, हर हाल में जीना,हर परिस्थिति से निकलना हैं,ये ही जीवन जीने की कला हैं। read more >>
लघुकथाःः वर्क एट होम साधना वर्क फ्राम होम से निपटी और निढाल होकर बिस्तर पर पड़ गई। तभी उसका दस वर्षीय बेटा कहीं से आया और मैगी की फरमाइ� read more >>
न मिला वह कंधा, बैठ दुनिया देखने की। न वह अंगुली, पकड़ गलियां घुमने की। न मिला स्नेह उसका गलतियों में राह दिखाने की । कह गए बिच राह, छो� read more >>
खुद का खुद से ध्यान रख, ध्यान भी कर, प्यार भी कर। नफरत की गन्दी हरकत दूर कर, यूं ही हसियों और खुशियों में सफर कर। खुवाबो का महल बना, उसे स read more >>
खुद का खुद से ध्यान रख, ध्यान भी कर, प्यार भी कर। नफरत की गन्दी हरकत दूर कर, यूं ही हसियों और खुशियों में सफर कर। खुवाबो का महल बना, उसे स read more >>
बस अपने इरादों को हम देखते हैं, नहीं कोई मतलब जहां के सितम से। तूं आगे बढ़ता जा_बढ़ता जा, रुकावटें बहुत सारी है, सरलता से कुचलता जा_कुचल read more >>
मौत का खौफ ना कर, बिना रुके सफर कर कभी भी दुनिया की परवाह ना कर बस अपने सपनों को सकार कर । यहा आए हो किसलिए?? खूब खाकर और पचाकर, जाना नहीं � read more >>
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