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हिंदू मुस्लिम ईसाई सरदार। खत्म करे देश का आतंकवाद। आतंकवाद मानवता का दुश्मन। इसे मिटाना हर नागरिक का कर्त्तव्य। आंतक का न मजहब है read more >>
कोई नहीं सुनता, दुनिया में व्यथा डोर की। सब अपनी- अपनी बेचते, कौन बेचता कमज़ोर की। पतंग परवान चढ़, मेरे बल नाचती। मेरे छोर से और बनती, दु read more >>
तुम्हारे बिन तुम्हीं से होंठ पर शबनम, तुम्हीं से नैन में शतदल । तुम्हीं से केश में थिरकन,तुम्हीं से कण्ठ में कलकल । निरी मिट्टी तुम्ह� read more >>
नौका पार लगाए कौन प्रश्न पूछते प्रश्न खड़े हैं उत्तर साधे बैठे मौन । भँवरों के हैं नाविक सारे नौका पार लगाए कौन ? पाँव पसारे विषबे read more >>
#समसामयिक ** वादा-खिलाफी ** हाथ में, गंगा जल को लेकर, बंद करने का, वादा को कर, यह चीज खराब । सत्ता की सरकार दुकान में हो या हो घर पर, ब� read more >>
बहुत खुश होता है ऊपरवाला तब गोद में आती हैं बेटियां युग कितने भी बदले आज भी लक्ष्मी ही कहलाती हैं बेटियां जिम्मेदारियां पड़े तो रि� read more >>
अब झूठे आरोपों से कोई सीता वनवास नहीं सहेगी भरी सभा में कोई द्रौपदी अब अपमान नहीं सहेगी कोई भी मेरा अब प्रेम में विषपान नहीं करेगी read more >>
आंखों में हल्के हल्के आंसू थे अधरों पर मीठी मीठी मुस्कान देह में हल्की-हल्की सिमटन थी और रोम रोम में खुशी की फुहार यू जिंदगी को जीना read more >>
हरपल मुस्कुराते रहिए जीवन एक सुंदर नदियां है खुशियों की नाव चलाते रहिए मौसम का बदलाव तो प्रकृति है उतार चढ़ाव जीवन के निभाते रहिए read more >>
बक्त और हालात से डर लगता है दिल के जज्बात से डर लगता हैं डर लगता है तेरे बिझड जाने से अब तो जिंदगी के हालत से डर लगता है read more >>
गरीब था फकीर था कलन्दर था वो जो भी था दिल का सिकंदर था वो न नदी था न पोखर था न दरिया था दूर तलक़ फैला हुआ समंदर था वो कहीं भी मुकाम मुकर� read more >>
हद से बेकाबू होता हुआ परिंदा होशो हवास खोता हुआ परिंदा अब हर डाल पर मौजूद है बस बैबस उदास रोता हुआ परिंदा खुआबों की दुनिया से अचानक � read more >>
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