नमस्ते दोस्तों
आज फिर एक बार इंसानियत शर्मसार हुई .....!
नारी की अस्मिता तार- तार हुई ...!!
चीखें उसकी खामोश हुई...!
खुद को बचाने की हर कोशिश � read more >>
रंग-बिरंगे ऐ कागजों की दुनिया में, मैं सादगी की तलाश में हूँ..!
मुझें पता हैं तुम वापस लौट कर नहीं आओगी, और मैं तुम्हारें इंतज़ार में हूँ...!! read more >>