कांतिलाल चौधरी 27 Dec 2023 कविताएँ अन्य Cjnkkfnjneig hii nineteenth century dhxneus 31869 0 Hindi :: हिंदी
*दिसम्बर का आगमन*
दिसम्बर तुम आते हो
सभी को नचा जाते हो
यह महीना ठण्ड की पेटी
पुरा महीना खुली रहती
कापे तन कापे मन
दिसम्बर तुम आते हो
सभी को नचा जाते हो
चाँदनी की लगी झङी
खाने पीने की मौज पङी
ठंडी हवा ठंडा पानी
खाना भाए पानी कम
दिसम्बर तुम आते हो
सभी को नचा जाते हो
कपकपी न रूके पल भर
चमकी धूप मन को भाए
कम्बल से निकला न जाए
आग सेकना बहुत सुहाए
दिसम्बर तुम आते हो
सभी को नचा जाते हो
-------- *कान्ति लाल चौधरी*