वर्दी पहन के जब वो चलता है सीना तान कर,
कानून का रखवाला बनता है हर तूफ़ान पर।
हिफ़ाज़त है फर्ज़ उसका, कसम है ईमान की,
सलाम है उस पुलिस को, read more >>
वो न झुकता है, न रुकता है, न डर की भाषा जानता है,
सीना ताने, मौत से आंख मिलाकर चलता जाता है।
जिसे धूप, बर्फ़, तूफ़ान नहीं कोई भी रोक सके,
वो � read more >>
❤️ कुछ बातें कभी पुरानी नहीं होतीं...
वो गांव, वो रिश्ते, वो सादगी —
सब आज भी दिल के सबसे पास हैं।
✨ प्रस्तुत है — एक दिल से निकली कविता:
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ज़िन्दगी की सड़कों पर चलते हुए कई लोग मिलते हैं — कुछ जो चलते हैं समय के साथ, और कुछ जो चलते हैं अपने सपनों के पीछे। ये जो दूसरे लोग हो� read more >>
सुना है कानपुर में बारिश बहुत है...
गलती से भींग मत जाना यार।
यदि तेरी गलतफहमियां धूल गई ...
तो तुझे याद हम फिर बहुत आयेगे !!
✍️ अखिलेश उमर read more >>
बिस्तर का एक तकिया,उनके नाम का है
उस शक्स की एक मुलाकात ,बड़े काम का है
बेखबर थे हम भी,उस इश्क की राहों से
पता चला इश्क भी,केवल कनेक्शन स� read more >>