Danendra 29 Jun 2025 शायरी समाजिक डॉक्टर 17084 0 Hindi :: हिंदी
बीमार दिलों की जब उम्मीद टूट जाती है, सफेद कोट में एक रौशनी साथ आ जाती है। धड़कनों की उलझन को जो सुलझा सके, वो खुदा का भेजा हुआ ही कोई फ़रिश्ता है। मरीज़ की आंखों में जो दर्द पढ़ लेता है, वो हर ज़ख़्म को बिना बोले समझ लेता है। ना कोई थकान, ना शिकवा किसी घड़ी का, सेवा ही धर्म उसका, और मदद ही बंदगी का। कभी मरीज़ की हँसी में अपनी जीत ढूँढता है, कभी आँसू पोछते हुए खुद भी टूट जाता है। सलाम है हर उस दिल को जो औरों के लिए जीता है, डॉक्टर वो नाम है, जो जीवन में फिर से रंग भर देता है।