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सलाम है खाकी वर्दी को - पुलिस

Danendra 29 Jun 2025 शायरी समाजिक 101404 1 5 Hindi :: हिंदी

वर्दी पहन के जब वो चलता है सीना तान कर,
कानून का रखवाला बनता है हर तूफ़ान पर।
हिफ़ाज़त है फर्ज़ उसका, कसम है ईमान की,
सलाम है उस पुलिस को, जो डटता है जान की।

हर गली, हर मोड़ पर उसकी नज़रें जागती हैं,
हम चैन से सोते हैं, क्योंकि उसकी रातें भागती हैं।
जहाँ भी अंधेरा बढ़े, वो रौशनी बन जाता है,
डर के माहौल में भी, वो कानून सा छा जाता है।

भीड़ में अकेला खड़ा हो तो भी नहीं हिचकता,
न्याय की खातिर वो हर ज़ुल्म से भिड़ता।
गोलियाँ, पत्थर या हो गालियों की मार,
फिर भी न डगमगाए, वो है देश का पहरेदार।

हर त्यौहार, हर संकट में वो ड्यूटी पर रहता है,
परिवार से दूर रहकर भी, राष्ट्र को ही कहता है।
ये सिर्फ़ नौकरी नहीं, ये सेवा की मिसाल है,
पुलिस की हर एक कुर्बानी को मेरा सलाम है।

Comments & Reviews

vikash kashyap
vikash kashyap Dhanyavad javano ke vytha vykat krne ke lia

11 months ago

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