Karuna bharti 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत Google 50443 0 Hindi :: हिंदी
तम्नाये सिमट जाती है, तुझ तक आ कर कुछ कम या कुछ अधिक ,ना चाहीये अब दिलबर इतनी वफा भरी मोहब्बत, मिलते कहा है जो चाहे दूरी मे भी, रुह से भी दिलबर तेरी मोहब्बत का मुकाबला, कोई और क्या करेगा टिक ना सकेगा, दूसरी ला लेगा सच्ची मोहब्बत तो, तुमने दिखलाई है मेरे इस अपाहिज शरीर पर भी, ना हमे तुम ठुकराई है😭😭❤❤💞