अरे बेवकूफ़ नाम तो उन गिदडो का भी हुआ करता था शेर के जंगल छोङ के चले जाने से बस्ती मे अरे बेवक़ूफ़ नाम तो उन गिदडो का भी हुआ करता था शेर क� read more >>
सत्ता... (कविता )
1.कागज छुती न कलम उठाती,है इसे कुर्सी पर बैठे रहने की बिमारी,
2.हां...है अंधी ,गूंगी, बहरी और लंगङी,है इसे गाङी पर बैठे रहन� read more >>
समसामयिक व्यंग रचना......
# नशा मुक्ति अभियान .....
कहीं कार्यक्रम था
नशा मुक्ति का
इसे छोड़ने की ,
अचूक युक्ति का .....!
मंच पर नेताजी ,
जनाब � read more >>
बहुजन
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डर -डर कर तुम मत जिओ
तुम ही तो बलवान हो,
तुम्हारे पूर्वज बलशाली है|
ऐसे वीरो की संतान हो ||
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