स्वरचित रचना- यह देश सुधरने वाला है?
संदर्भ--- राजनीतिक व्यय
यह देश सुधरने वाला है?-2
जहां नीचे से लै ऊपर तक, सब घूस पै चलने वाला है।
यह दे� read more >>
स्वरचित रचना- ए हिन्दुस्तान है,.............।
संदर्भ---राजनीतिक व्यंग
ए हिन्दुस्तान है,
जहां न्याय टिका सबूतों पर,
सबूत लाओ,
तभी सरकार यहां स read more >>
Jaisa ki hota aaya hai is bar bhi Vikram Raat ki khamoshi mein apni motorcycle chalaye ja raha tha aur betal uski peeth per baitha tha hamesha ki tarah is bar bhi yah sochkar ki kahin Vikram ko nind na a jaaye betal ne kahani sunana shuru kar diya kahani kuchh is prakar thi beroj Shahar mein Khalil Naam ka ek aadami rahata tha uske मां-बा read more >>
दिनाका - (05)/12/2022)
(गटबन्धन)
शाईरी सोमवार
| शायार-लेख, मोहम्मद फैजान सिद्धिकी:
पिता रईस अहमद सिद्धिकी.
जब दो दिल- आपास में। मिलते हैं।
तो � read more >>
कविता - ( ग़ज़ब )
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
जीतने से पहले सेवक !
जीतते ही सरताज !!
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
याचक बनक read more >>
कविता - ( सरकारी योजना )
मुद्दतों बाद बनी !
बनते ही खोदना !
बाद का काम पहले !
पहले का बाद पर छोड़ना !
फिर नए सिरे से !
उन सड़कों को खोदना !
फिर श� read more >>
दिनांक-26-11-2022 रविवार शायरी नम्बर- 27.
शायर लेख - मोहम्मद फैज़ान सिद्दिकी पता- रईस अहमद सिद्दिकी .
शाईरी - राजनितिक पारलेमैंट मैं तीन चूजे है?
read more >>