दिनाका - (05)/12/2022)
(गटबन्धन)
शाईरी सोमवार
| शायार-लेख, मोहम्मद फैजान सिद्धिकी:
पिता रईस अहमद सिद्धिकी.
जब दो दिल- आपास में। मिलते हैं।
तो � read more >>
कविता - ( ग़ज़ब )
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
जीतने से पहले सेवक !
जीतते ही सरताज !!
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
याचक बनक read more >>
कविता - ( सरकारी योजना )
मुद्दतों बाद बनी !
बनते ही खोदना !
बाद का काम पहले !
पहले का बाद पर छोड़ना !
फिर नए सिरे से !
उन सड़कों को खोदना !
फिर श� read more >>
दिनांक-26-11-2022 रविवार शायरी नम्बर- 27.
शायर लेख - मोहम्मद फैज़ान सिद्दिकी पता- रईस अहमद सिद्दिकी .
शाईरी - राजनितिक पारलेमैंट मैं तीन चूजे है?
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शायरी तेम्बर 24
अरे बेवकूफ नाम तो उन गिद्धों भी का हुआ करता था शेर के जंगल छोड़ के चले जाने तो उन गिड्डो से बस्ती में। अरे बेवकूफ नाम तो उ� read more >>