सफलता तो कभी कभी मेहनत न करने वालो को भी मिल जाता है,
यही तो भारत का दुर्भाग्य कहलाता है।
60% लाने वाले सरकारी दफ्तर में बैठे है,
90%लाने वा� read more >>
द्वितीय विश्व युद्ध के खत्म होने के बाद दुनिया दो गुटों में बंट गई । एक तरफ अमेरिका और दूसरी तरफ सोवियत संघ। 25 दिसंबर 1991 को सोवियत संघ 15 अ read more >>
कुछ नहीं बदला है
गर्दन बही है बस
जलाद बदला है
हम और आप बो ही है
बस एक और
तलबार बदला है
सब कुछ जस के तस है
बस हमारी गर्दनों को
जो काट सके
� read more >>
भाईयो ये वो दौर है जिसमे हम जैसे ना जाने कितने युवा नोकरी की चक्कर में धक्का खा रहे है मैने एक ऐसे इंसान से बातचीत की जो बीएड किए हुए है औ read more >>