(रोला छंद)
आया बचपन याद,खुशी से मैं तब झूमा।
एक एक कर याद,सभी ने मुझको चूमा।।
उस दिन के स्कूल,जहां करता था मस्ती।
बच्चों से अनुराग,और था � read more >>
सबको हक है खुलकर जीने का,
अपने सपने पूरे करने का,
बेटी हैं तो क्या हुआ,
उसको भी हैं हक जीने का,
कुछ बनने कुछ करने का,
जीवन में आगे बढ़ने का read more >>
जिंदगी ऐसा लगता है कि मैं भी तुम्हारी तरह मतलबी हो गई हूं मैंने भी जीने के लिए रास्ते चुन लिए अपने अलग तुम मुझसे दूर हो गई हो मैं तुमसे द� read more >>
अब जो आ गए हो तो दूर जाने की कोशिश ना करो अब उम्र के इस मोड़ पर ना वह समय है ना वह उम्र है ना वह शौक है ना वह कशिश है कि मैं तुम्हें याद करूं � read more >>