कुछ देर तो बैठो मेरे पास कहने को कुछ भी नहीं है पर कुछ तो बोलो मेरे साथ सुनो कुछ ऐसा बोलो जिससे मन का दर्द भी कम हो जाए शब्दों के घाव भी मि read more >>
(दोहा छंद)
आए दिन बरसात के, बादल गरजे खूब।
देखें रिमझिम बूंद को, करें याद महबूब ।।
आए दिन बरसात के,नाचे वन में मोर।
कली कली अब खिल गई,प्र� read more >>