(दोहा छंद)
नफा और नुकसान दो,पहलू ही है माप।
दिल से कर के काम को, रहें नफा में आप।।
नफा और नुकसान से, पहले डर मत यार।
धंधा को अब कर शुरू,जी� read more >>
(दोहा छंद)
अपनी अपनी सोच है, रखूं नजरिया साफ।
गुण को सदा कबूल कर,करता हूं इंसाफ।।
अपना बल है एकता, हर बाधा कर नाश।
आगे ही आगे बढूं, छूं ल� read more >>