सज धज कर राधा चली, कृष्ण मिलन की प्यास।
लगती सुन्दर गजब की, उनसे ही है आस।।
सज धज कर राधा चली,यमुना तरनी पास।
रखी बसा मन श्याम को, मुरली � read more >>
क्यो, भगवान आपका ये भेद भाव होता है,
कहीं कष्ट तो कहीं खुशी का मौसम होता है,
लोग कहते हैं, कि तू कण कण में होता है,
तो क्यो मंदिर और मस्ज� read more >>