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भील बालिका कालीबाई कलासुआ की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि 15 अगस्त 1947 से पूर्व भारत में अंग्रेजों का शासन था। और अंग्रेजों चाहते थे कि उन� read more >>
(दोहा छंद) बेटी नाजुक लाडली,बाबुल के अरमान। चली ब्याह कर संग पति, मुख पर मंगल गान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर( read more >>
(दोहा छंद) दुविधा में रहना गलत, सदा रहें बेबाक। करिए सबकुछ स्पष्ट से, बचा रहे तब नाक।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीप read more >>
(दोहा छंद) रखें सुरक्षित आप को,संयम में हो चाल। कटे आनन्द में सदा, जीवन हो खुशहाल।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर( read more >>
(मुक्तक छंद) प्रभुता के संदेश से, लोगों में है हर्ष। आपस में सब बात कर, भूल गए हैं कर्ष। जज्बा सब ही पूर्ण हों,चाहे हों जो राह_ बच्चा बच्च read more >>
(दोहा छंद) करें प्रतिज्ञा आज से,बुरी अमल को त्याग। सुन्दर सुन्दर गुण रखें,जीवन में हो राग।। क्रोध भाव को दूर रख,दया भाव हो साथ। करें प� read more >>
(दोहा छंद) पावन विचार से मिले,दुनिया की हर हर्ष। खुशियों में जीवन कटे, नित ही हों उत्कर्ष।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_सम read more >>
पुराने समय में एक किसान की फसल बार-बार खराब हो रही थी। कभी तेज बारिश की वजह से, कभी तेज धूप की वजह से, कभी ठंड की वजह से उसकी फसल पनप नहीं प� read more >>
अपनों के पास आना भी सीखो अपनों से दूर जाना भी सीखो जो तुम्हारी कदर ना करें उससे दूर रहना भी सीखो जो तुम्हारी कदर करे उसे अपनाना भी सीखो read more >>
कभी-कभी मन सोचने पर यह मजबूत करता है! कि जिस इंसान के साथ हम रहते हैं कभी कभी उन रिश्तो से हमारी इतनी दूरी बढ़ जाती है ।कि हम उनको देखना read more >>
जीवन में इतना सन्नाटा पसरा क्यों है ? कई वर्ष पहले यह सन्नाटा मुझे दिखता क्यों न था ? सुबह उठते ही चिड़ियों की चहचहाहट से मेरी नींद खुलत read more >>
संबंधों का कोई मोल नहीं है सभी के अपने मापदंड हैं ! सभी ने अपने मापदंड बदले! सबने खोई है संबंधों की प्रासंगिकता ! छोड़कर पुरानी परंपरा � read more >>
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