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हमारी संवेदनशीलता और सामाजिक रुचि
बहुत समय पहले, एक छोटे से गांव में एक युवक नाम लक्ष्मण रहता था। वह बहुत ही सरल और दयालु स्वभाव का धारण करने वाला था। उसे अपने साथी गांवव�
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गांव में सामाजिक सुधार
एक समय की बात है, एक गांव में एक युवक रहता था जिसका नाम राजेश था। राजेश गांव में एकांतवासी रहकर अपने लिए नहीं जीना चाहता था। उसे विचार आ�
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सच्ची मित्रता-आपसी सहयोग और समर्थन में
एक बार की बात है, एक छोटे से गांव में एक बहुत ही बुद्धिमान पंडित रहते थे। वह पंडित अपने गांव के बच्चों को मनोहारी कहानियां सुनाकर उनकी म
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असली वारिस-एक बेटी है
असली वारिस एक इलाके में एक भले आदमी का देहांत हो गया लोग अर्थी ले जाने को तैयार हुये और जब उठाकर श्मशान ले जाने लगे तो एक आदमी आगे आया औ�
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रहस्य-दिल के वो रहस्य
कलम, तब बोलती है। जब मन मे विश्वास बोलता है। खामोश , आंख से इन्सान बोलता है। दिल ,ये तराजू ,के जैसे हर एक हिसाब तोलता है। वक्त ,की घड़ी
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वही खेत बंजर निकले-जिन्हें खूब सींचा खाद गोबर से
जिन्हें खूब सींचा खाद_ गोबर से , वही खेत बंजर निकले । जिन्हें सदियों से चाहा अपने दिल में बसाकर , उन्हीं की बगल में खंजर निकले ।
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जनता या सरकार-बोलो दोषी कौन है
बोलो दोषी कौन है, स्वयं आप या और। दूर दोष खुद का करें, तभी अन्य पर गौर।। बोलो दोषी कौन है,कौन किया बर्बाद। लार प्यार या शौख से, बन जाओ उस�
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न रुकना न झुकना-सैलाब बन बढ़ते जाना है
न रुकना है न झुकना है, सैलाब बन बढ़ते जाना है। खूनों में रवानगी है, सांसों में हलचल, हर हाल में चलते चलना है। नफरत जो आज हर दिल में समाय�
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किसने रोका है तुम्हें-जागृत करें समाज को
किसने रोका है तुम्हें, अपनी दशा सुधार। मन में यह अब ठान ले,लेंगे सब अधिकार।। किसने रोका है तुम्हें, जीवन से कर प्यार। ताकि रहे नित चाँ�
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पीरियड्स -अशुद्ध मैं नहीं, अशुद्ध यह जमाना है
पीरियड्स कहने को महज एक शब्द है पर इसमें छुपा लड़कियों का एक नया जहान है पर ना जाने क्यों लोग इस पीरियड्स को समझने से भागते हैं खुलकर सम
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व्यक्ति के सोच और संघर्ष से समाज में बदलाव
किसी छोटे से गाँव में एक युवक ने सामाजिक स्वर्णिमता का ध्यान अपने मन में जगाना शुरू किया। उसे यह महसूस होता था कि समाज में अनेक समस्या�
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सामर्थ्य और सामाजिक संघर्ष
यह था एक गाँव। इस गाँव में एक युवक रहता था, जिसका नाम राजेश था। राजेश अपने गाँव के लोगों के बीच मशहूर था क्योंकि उनका स्वभाव सदैव सामाजि
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