दुनिया गई बदल,
सुबह हुआ और रात गई दल।
इस दुनिया में इंसानियत शायद अब गई मर,
साक्षी के कत्ल के समय सब थे वहां पर सबको लगा डर।
अगर वहां जो � read more >>
जब से शामिल हुआ है,एक पन्ना जीवन में,
तब से बेहतर हुआ है, आजादी का ख्याल दिल में।
कभी इसका विरोध, कभी उसका विरोध,
चैन से रहते अगर चाहते श� read more >>
जब से शामिल हुआ है,एक पन्ना जीवन में,
तब से बेहतर हुआ है, आजादी का ख्याल दिल में।
कभी इसका विरोध, कभी उसका विरोध,
चैन से रहते अगर चाहते श� read more >>
मुक़द्दर-
जिसने दिया,
उसी की बंदगी है...!
मैं हूं यहां-
उसी की स्जिंदगी है...!!
जहान उसी की है-
मैं उसी का हूं अगर कहीं,
जन्नत है तो मैं जन्� read more >>