आजकल न जाने क्यों ?
कांटों पर चलती हूं !!
अंगारों में जलती हूं !!
न जाने क्यों ?
कभी-कभी मैं नींद में भी चलती हूं !!
दिल कहता है ,यह समय है यह, भ read more >>
खेल-खेल-
में क्या अद्भुत,
जीव-जंतु जीवन रचाई-शायद,,
जग में आना-
जग से है जाना यह,
विधि प्रकृति ने बनाई-शायद,,
कभी बाढ़-
तो कभी भूकंप,
करो� read more >>