कुछ इस कदर जख्मों का सिलसिला शुरू हुआ है,
एक के बाद एक नए रूप में दस्तक दे रहा है।
सारे सपने रेत की महल की तरह बिखर गए,
दिल में एक आह सी कस� read more >>
जीवन के संघर्ष में थक कर कभी ना हार...
जीवन के संघर्ष में थक कर कभी ना हार...
घिस घिस कर पत्थर से बनती लोहे की धार...
घिस घिस कर पत्थर से बनती read more >>
रोने लगी शराब हम तरस खाकर पी गए , ग़म हुऐ दिल से जुदा हम मर गए थे जी गए ,पीता न गर, शराब दिल तार_ तार रहता___पी ली जब दो घूंट दिल के टुकड़े सी गए read more >>