मुक़द्दर-
जिसने दिया,
उसी की बंदगी है...!
मैं हूं यहां-
उसी की स्जिंदगी है...!!
जहान उसी की है-
मैं उसी का हूं अगर कहीं,
जन्नत है तो मैं जन्� read more >>
"कहते हैं ना कि वक्त भी बदलेंगे और जज्बात भी बदलेंगे,
पर तू खुद को बदल पूरी कायनात भी बदलेंगे,
रात हुई है तो इसका क्या मतलब,
सुबह नहीं हो� read more >>