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दिल की चाहत
दिल की चाहत तुम थे मैं खोज रही थी किसी और में दिल में तुम बसे थे परंतु भटक रही थी किसी और जगह
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किससे कहूं
अब मैं तुम्हारे बिना भी जी लूंगी अब मैं किसी से शिकायत नहीं करूंगी अब मैं जाऊं या चुप रहूं यह बात किस से कहूंगी
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मशहूर हो गए
तुम जितने दिल के करीब थे उतने ही दूर हो गए तुम मेरे दुश्मनों से क्या मिले न जाने क्यों शहर में हम भी मशहूर हो गए
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फर्क नहीं है
जिंदगी की दौड़ में मैं आगे बढ़ती ही गई मैं जिंदगी के उस मुकाम पर पहुंच आई हूं जहां पर गम और खुशी में मुझे बहुत ज्यादा फर्क महसूस नहीं हो�
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हकीकत से दूर रहते है
हकीकत से दूर रहते है न जाने क्यों हम खुद से ही मजबूर रहते है जानते सब है पर यकीन कहां उन पर जिन्हें हम खुद से भी ज्यादा भरोसा रखते हैं।
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एक लड़की अनजानी सी
एक लड़की अनजानी सी परसो रात्रि करीबन साढ़े ग्यारह बजे मे आॅफिस से घर को बाइक से निकला ही था की कुछ ही दूरी पर एक लडकी नजर आई सलवार सूट प�
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कह बेटियाँ को चिडिया
कह बेटी को चिडिया बोले छोडना है नीड़ तुझे, ठिक है छोड़ तेरा नीड़ मै भी अपना नीड़ बनाऊंगी । फिर ना कहनां कभी की, ये भी है नीड़ तेरा | परिन्�
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पहले चेहरे पढ़ने का शौक नहीं था
पहले चेहरे पढ़ने का शौक नहीं था, अब देखता हूँ हर इंसान का चेहरा। हर इंसान में नहीं होते भगवान, कई चेहरों पे होता है शैतान का पहरा।। क�
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अपनी ही सपनों में....
अपने ही- सपनों में खोया, एहसास में- उड़ती सी तरंग मैं उधर- ही ढलने लगा ढलता गया- और ढल गया अपने ही- तन्हाइयों में, उगता अनंत- शांति में
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नारी सम्मान
नारी समाज का एक अभिन्न अंग है। नारी एक वह पहलू है जिसके बिना किसी समाज की रचना संभव नहीं है। समाज में नारी एक उत्पादक की भूमिका निभाती �
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जिन्दगी जीने में मज़ा है
जिन्दगी है दोस्तों, इनके कई रूप हैं कई रंग हैं। फिर भी हम मानवों को, संघर्ष पथ पर निरंतर, बखूबी चलते ही रहना है। गम भी मिलेंगे, जख्म भी �
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यू ही गुजर जायेगी - जिंदगी
यू ही गुजर जायेगी ,जिंदगी कटते कटते जिंदगी में मायूस,तनाव, ना लेना मेरे दोस्त ये भी निकल जायेगी चलते चलते रास्ते कठिन है मगर, चलना पड
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