बहुत हुआ है देर अब,अब तो आंखें खोल।
सूरज लाए दिवस नव,जो है अति अनमोल।।
नित्य बढ़े यह रोग अब, अब तो आंखें खोल।
मानवता पर घात है, हो जाएं स� read more >>
वो पत्थर भी किसी चट्टान से कम नहीं होते ।
जो किसी की तरक्की में बाधक होते | अगर आ जाए नदी अपने पर, तो बड़ी से बड़ी चट्टान में भी अपनी राह ब� read more >>