**मन*
मन चंचल है तुम ये जानो
मन की शक्ति को पहचानो ।
मन की गति का अंत नहीं है
ये तुम अपने मन से जानो ।।
मन की भाषा समझ सको तो
मन से उसका अर read more >>
**मन*
मन चंचल है तुम ये जानो
मन की शक्ति को पहचानो ।
मन की गति का अंत नहीं है
ये तुम अपने मन से जानो ।।
मन की भाषा समझ सको तो
मन से उसका अर read more >>
कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिक, कई शत्रु सैनिकों को हताहत करता हुआ, अंत में घायल होकर धरती पर गिर जाता है तथा पवन के माध्यम से वह अपने घर � read more >>
कविता -लालसा
लालसा न चाह का है ,जीवन में कुछ पाने को
लालसा न बड़ा बनू, न बहुत कुछ कर जाने को
छीन कर खुशियां किसी की, रोटियां दो वक्त की
म� read more >>
अंतिम, आशा ,के, फूल,लूटा रही हूँ,।
कविता हूँ,।मैं,, देह ,अपना, जला कर।
पथ, के, अंधकार को डरा रही हूँ,।
बड़ी ,भयावह रही ,इक घटना ,।
कागज तो बहा,प� read more >>
एक गांव में एक मकान था जिसमें एक छोटा - सा परिवार रहता था।परिवार में कुल 4 सदस्य थें मां- बाप और उनके दो बच्चे दोनों ही लड़की थें।उन लोगों read more >>