# दोस्त .....
कभी नरम ,
कभी सख्त
जो जनाब होता है .....
सच में वही दोस्त
इस दुनिया में सबसे
लाजवाब होता है .....
चिन्ता नेताम " मन "
डोंगरगां� read more >>
# किताब ....
मैं क्या हूं , कैसा हूं
किसके जैसा हूं ,
जानना चाहोगे जनाब ....?
तब तो ,
पढ़ कर ही मुझे
जान पाओगे आप ....!
मैं तो हूं एक ,
खुली ह� read more >>
# निनाद …..
हे मानव तुमसे
मेरी है
ये विनम्र विनती
है यही मेरी
दिल की निनाद …..!
मानव मस्तिष्क के
एक कोने में
सड़ा सा पड़ा
ये जमा हुआ read more >>
आओ, झूमों, नाचो, गाओ
देखो रुत है सावन की आई
घुँघराली, काली घनघोर बदली
जब आसमान में है छाई
धरती ने भी झूम, झूम कर विरह प्यास बुझाई
सावन की � read more >>