कविता = ( दरकार )
निष्काम सेवा से नहीं चलता परिवार !
पेट को रोटियों की है दरकार !!
खाली ख़ज़ाना नहीं चलती सरकार !
भूखे पेट भजन कैसे होए मेर� read more >>
नेहा शादी करके अपने ससुराल आ चुकी थी,सभी लोग नई बहू की स्वागत करने के लिए अफरा - तफरी मचाए थें ,पर उसके ससुर और सास एकांत एक जगह खड़े कुछ ब� read more >>
*आज की प्रेरणादायक कहानी*
*काश ! सभी समझे सत्य को...*
✍🏼राम राम जी🌹
*🌷मां-बाप के निरादर के लिए बहु ही नहीं, बेटा भी होता है जिम्मेदार🌷*
प� read more >>
मीनू एक बड़ी ही चंचल लड़की थी उसका भाई रमेश उससे बहुत प्यार करता था वह जहां भी जाता अपनी बहन के लिए जरूर कुछ लाता।मीनू के मां - बाप नहीं थ read more >>
# सुप्रभात .....
यत्र - तत्र - सर्वत्र ,
व्याप्त यहां विज्ञान ...!
तन , मन , प्राण , आत्मा ,
ये जीवन के चार आयाम ....!
आओ जाने इसे हम ,
आखिर क्या है आत� read more >>