न छोड़ी थी उम्मीद मैंने न सब्र मैंने छोड़ा था ,
सोचती थी जीत जाऊंगी मैं ये न किस्मत के ऊपर छोड़ा था,
उम्र हो चली थी मंजिल न अभी मिली थी,
कि read more >>
नहीं चाहते थे हम अब एक पल भी दूर हो,
जो नहीं चाहा वही हो गया है अब क्या कहूं
जैसा होना है वैसा तो होगा ही सदा,
मनुज के हाथों में है क्या बद� read more >>