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वक्त के साथ आईने ऐसे दिखाए वक्त बीतने के बाद अपने भी रंग दिखाए read more >>
अनजान मुसाफिर चल दिया अपने सफर की तलाश में सोचने का वक्त आया तो रास्ते ही गुजर गए महफ़िलो के वास्ते read more >>
ज़िन्दगी गुजर गई अपनों को सजाते सजाते वक्त आया तो अपने ही लग गए उजड़ते उजड़ते read more >>
वो यार कहां से लाऊं वो प्यार कहां से लाऊं। टूट कर बिखर गए जो ख्वाब भीगी पलकों में वो सपने मैंरे कहां से लाऊं। वो यार कहां से लाऊं....! तो read more >>
यह नाम के रिश्ते हैं , इन्हें नाम ही रहने दो। दर्द हैं अगर जिंदगी में, दर्द को दिल में ही रहने दो। यह नाम के रिश्ते हैं..........! आंसू गिरते ह� read more >>
मां तेरी याद में, दर्द बनकर बहते आंसू। कोई नहीं पूछता जमाने में, क्या कहते हैं आंसू। तेरे बिन, मन उदास कोई नहीं अपना, अब यही सोचूं मै read more >>
"धरती रो रही है, पर नेता सो रहे हैं, विकास के नाम पर जंगल खो रहे हैं।" "पेड़ अगर सांस हैं, तो क्यों हो रही इनकी हत्या राजनीति की आड़ में?" "� read more >>
क्या करू ज़माने से शिकायत इस मतलब के ज़माने में लोग अपना कहकर गला काट देते है अपना बनाकर इस ज़माने में read more >>
आज के दौर में विज्ञान ने जितनी तरक्की की है, उतनी ही तेजी से समाज में नैतिक और संवेदनशील मुद्दे भी जन्म ले रहे हैं। इन्हीं में से एक है अ� read more >>
जाए तो जाए हम कहां, ये लहरे हैं गम कि, अपनों की तड़पन, प्यार की तन्हाई यहां। जिंदगी पर सितम दिल टूटता है यहां। सपना है झूठा, अपना भी बेग read more >>
कुछ शब्दे मन मे हि रह जाती है कुछ हसीं मे छिप जाती है किया मन कह रहा दिल मे हि लीन हो जाती है कुछ शब्दे ख़ुशी के तो कुछ शब्दे गम के अरमान read more >>
मैं तन्हा हूं। इस महफ़िल और फिज़ाओं में इन हसीं वादियों में मैं तन्हा हूं। कभी जो ख़्वाब देखा था, इन आंखों में। आज सब कुछ फना हो गया read more >>
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