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दुःखद
ऐसा कभी ना हो किसी के साथ
ऐसा कभी ना हो किसी के साथ कि कोई शक्स तुम्हारी जिंदगी में आए....!! हसाएं ,वक़्त दें ..…...? और एकदम से तुमसे कहे अब वक़्त नहीं है मेरे �
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अनकहे ख्याल
सर्दियों का मौसम और कोहरे का नजारा चाय के दो कप हैं और इसमें है इंतजार तुम्हारा फुर्सत जब तुम दुनिया से पाओगी फिर तुम आओगी मुझे गले ल�
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ये दोस्ती विष बन गई मेरे लिए
कहाँ इतनी समझ जो, दोस्ती में गुणवान देखा , बस बुरे का एक ऐहसान देखा, आचरण उड़ गया बीड़ी का धुआँ बनके अमृत की तरह मैंने दोस्ती को समझा क
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कुछ लोग हमारी जिंदगी में ऐसे बनकर आते हैं
कुछ लोग हमारी जिंदगी में ऐसे बनकर आते हैं जैसे हमारे बिना उनकी जिंदगी अधूरी है फिर वही सिखा जाते है हमें ना करना भरोसा किसी अजनबी पे
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कितना आसान था तेरा
कितना आसान था तेरा मुझसे दूर जाना काश! मेरे लिए भी होता तो आज ऐ दर्द ना मेरे साथ होता धन्यवाद
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कोई रूठे तो मना सकते हो आप
कोई रूठे तो मना सकते हो आप लेकिन अगर कोई छोड़ना चाहता हो तो फिर आप चाह कर भी उस रिश्ते को बचा नहीं सकते धन्यवाद
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अब भी वे आखें मौन है
संसार अब तक पापो से जिया है, इस अंधकार को उजाले से दूर नहीं भगाया जा सकता, दीपक तो भारत के लोगों में जलाना पडे़गा, क्योंकि अब भी वे आखें
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सबसे अच्छा दोस्त
आज के समय में हर व्यक्ति के मित्र होते है, आधुनिकता के इस दौर में पुरुष की महिला व महिला के पुरुष भी मित्र होते है। मिथुन अनुरागी की यह क�
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जिंदगी एक कटार
जिंदगी एक कटार रचना -प्रतिभा खडेकार ए कहानी गरीबी की है किसी एक गांव में घर पर कुछ न होने पर माता-पिता लड़की का हाथ किसी �
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बहाने ढूंढ रहे थें दूर होने की
✍️बहाने ढूंढ रहे थें दूर होने की सो ढूंढ लिया जुदाई सहना मुश्किल था पर सह लिया😔 धन्यवाद
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लोगों की परवाह तुम करो
🍁लोगों की परवाह तुम करो हमें कोई गम नहीं पर जब तुम्हें हमारी फिक्र होगी उस वक़्त शायद हम नहीं✍️ धन्यवाद
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मौत की सहनाई गूंजने लगी है
मौत की सहनाई गूंजने लगी है हरतरफ शोर मचने लगी है कौन देखेगा कल का सवेरा ऐ भी किसी को मालूम नहीं है!!😔 धन्यवाद
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