Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
मिलने पर भी बिछड़े से ही लगते हैं दूरी इतनी पास हुई है की बस सहमें सहमे लगते हैं। मेरे सुर से पीर हिया की कभी सुनाई पड़ती है कभी तुम्ह� read more >>
एक की दूरी काफी थी मुझे दर्द देने के लिए तुझसे मोहब्बत करके हमने दूजी भी पाल ली धन्यवाद read more >>
फरिश्ते बनकर आए थें तुम मेरी जिंदगी में अब नासूर बन गई तेरी मोहब्बत read more >>
ए कौन सा मंजर है जिंदगी का जिसमें हम उलझते ही जा रहे हैं जितना निकलना चाहा उतना ही फंसते जा रहे हैं धन्यवाद read more >>
दर्द जो तुमसे हमको मिली भुलाकर भी भुलाया ना जा सकी जो जख्म मिली है तुमसे उसका दवा कहीं भी ना मिली मुझे हार गई मैं खुद से इतना प्यार कि� read more >>
उलझ-सी गई है जिंदगी हमारी, इन उलझनों को हम सुलझाएं कैसे? उलझनें है धागों-सी, बड़ी गांठों को सुलझाएं कैसे? आंखों में है आंसू हमारे, आंस� read more >>
मजबूरी इस कदर हो गई, जान के भी सब दूरी हो गई, पता हैं उनका हाल कैसा हैं, खबर ना ले सकते ऐसी पैरों में बेड़ी हो गई। read more >>
मेरी खमोशी जान ले लेगी कभी ये मै नही मेरी अंर्तमन की आवाज है रोज तडपते है,लेकिन अपनो की परवाह होती फिर भी अंर्तमन मे खमोशी ही खमोशी है read more >>
दर्द इतना मिला जो सहा ना गया, ग़म पर ग़म का तोहफा मिला, किसे कहें अपना, हर किसी ने हमें धोका दिया। read more >>
दर्द जिसने दिया वो दवा क्या करेगा, चोट दी है दिल की , वो वफ़ा क्या करेगा, जमाना है वेवफा डगा ही करेगा। read more >>
जिंदगी किस मोड़ पर आ‌ जाये, कुछ पता नहीं होता, भरोसा किसी पर भी मत करो, कब कोई बदल जाये । read more >>
जो सोचते हैं वो होता नहीं, जो होता है वो सोचते नहीं, ये कैसा किस्मत का खेल है, एक बार सपना टूटकर जुड़ता नहीं। read more >>
Join Us: