"ना तू-तू है, ना मैं-मैं हूं-
रथी तक रथ है बर्ना अर्थी है"!
हांकता रथ एक रथी, उतर जाएगा रथी।
हो जाएगा रथ खाली, अर्थी कहलाएगा।।
"ना तू-तू है, � read more >>
आह !
वेदना......
वो सूनी रेलिंग....
अंतहीन इंतजार.....
काश! आते तुम
और महका जाते मेरी पीड़ा।
जाते समय पुर- उम्मीद
लौटे तो न-मुराद।
हर रोज ही न� read more >>