"वाह... ओ रब्बा...
एक तुझे अपना माना था...
तू भी लोगों वाली कर गया...
एक तुझे सारी बातें बताई थीं...
और तू भी पल्ला झाड़ गया...
वाह ओ रब्बा...
तू भी ल read more >>
खुद को भी समेटा और अपनो की भी रखी खबर
कभी मुश्किल तो कभी आसान हुई डगर
अपनो के साथ कुछ मीठा तो कुछ खट्टा रहा सफर
पर ज़िंदगी से जो भी मुझे � read more >>